Friday, April 23, 2010

हैप्पी बर्थडे टू यू


दुनिया के महान बल्लेबाजों में से एक सचिन तेंदुलकर २४ अप्रैल को ३७ साल के हो गए. सचिन हमेशा अपना बर्थडे अपने परिवार के साथ सादगी से मानते हैं. उनकी येही सादगी लोगो को दीवाना बना देती है. येही कारण है कि महान गायिका लता मंगेशकर ने एक बार कहा था .... सचिन फिफ्टी या सेंचुरी  मारने के बाद जब आसमान की तरफ सिर उठाते हैं तो बहुत मासूम  लगते हैं. सचिन को उसके बर्थडे पर बहुत बहुत बधाई. ये दिन उनके जीवन में बार बार खुशियों भरा आए.

Monday, April 19, 2010

पुराने खिलाड़ियों का ही रहा जलवा


आई पी एल क्रिकेट अपने पूरे रोमच पर है. सेमीफाइनल की चारों टीमों का फैसला भी हो चूका है. लेकिन इस पूरे टूर्नामेंट में साबित हो गया कि आज भी क्रिकेट में पुराने खिलाड़ियों का ही जलवा है. भले वह सेमीफाइनल में पहुँचने वाली टीमों के कप्तानों की बात हो या फिर सबसे अधिक रन बनाने की बात हो. पुराने खिलाड़ियों का ही जलवा रहा. फाइनल में पहुँचने वाली तीन टीमों के कप्तान सचिन तेंदुलकर, अनिल कुंबले और एडम  गिलक्रिस्ट अब क्रिकेट जीवन के अंतिम चरण में हैं. सबसे अधिक रन बनाने वालों में सचिन, कैलिस और गांगुली ने दिखाया कि अभी भी उनके बल्ले में वह आग है, जिससे उनका जलवा जरी रह सकता है. इतना ही नहीं, इन तीनों खिलाड़ियों ने अपनी टीम की हर जीत में अहम् भूमिका अदा की, इसलिए यदि इस आई पी एल में ३० प्लस वालों का दबदबा कहा जाए तो गलत नहीं होगा.

Wednesday, April 7, 2010

आई पी एल में सट्टा जोरों पर

फटाफट क्रिकेट का इन दिनों भारत में पूरा जोर चल रहा है. आईपीएल के रोमांच में जहाँ  लोग डूबे ही हैं, वहीँ इन मैच में सट्टा जोरों पर लग रहा है. गली मोहल्ले में लोग सिर्फ मैच में जीत हार पर ही सट्टा नहीं लगा रहे, बल्कि हर बाल पर बाज़ी लग रही है. कोई रोकने वाला नहीं है. इतना ही नहीं, पिछले कुछ मैच में जिस तरह के रिजल्ट सामने आए हैं उससे टीमों की मिलीभगत जैसे आरोप लगने लगे है. भारत के खेल मंत्री ने भी आईपीएल पर गंभीर बयां दिया है. जानकारों के अनुदार भारत में रोजाना करोड़ों  का सट्टा लग रहा है. बहरहाल लोग क्रिकेट में डूबे है, सट्टेबाज कारोबार में व्यस्त है, सरकार सोई पड़ी है और लोग नोट खो रहे हैं.

Sunday, January 10, 2010

हावर ट्रैक राफ्टर


लहरों से खेलना अच्छा लगता है : मौसम का मिजाज़ बदलने और कड़ाके की ठण्ड के बावजूद जम्मू की तवी नदी में एक व्यक्ति  हावर ट्रैक राफ्टर का आनंद उठता हुआ. जम्मू कश्मीर सरकार ने टूरिज्म को बदावा देने के लिए इस नदी में ऐसी योजनाएं लागू करने का फैसला लिया है, जिससे स्टेट में आने वाले लोगो का मनोरंजन करने के अलावा आय भी बढ़ सके.

चक दे इंडिया का बुरा हाल


कभी विश्व हाकी में अपना डंका बजाने वाली भारतीय हाकी  यानि चक दे इंडिया  का बुरा हाल है. वह भी ऐसे समय में जब हम विश्व कप हाकी की मेजबानी करने जा रहे हैं. पैसों को लेकर नेशनल टीम के खिलाड़ियों का कैंप छोड़ना राष्ट्रीय शर्म है. हमारे राष्ट्रीय  खेल का ये हाल है तो भारत में अन्य खेलों का क्या होगा, इसका अंदाज़ लगाया जा सकता है. हालांकि एक दिन पहले हाकी इंडिया की खिलाड़ियों के साथ हुई मीटिंग में दावा किया गया कि सभी मुद्दे सुलझा लिए गए हैं लेकिन अब विरोध करने वाले खिलाड़ियों को अपने खेल भविष्य की चिंता सताने लगी है. उनका मानना है कि विरोध करने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ अन्दर खाते कार्रवाई हो सकती है. हालांकि हाकी इंडिया के अध्यक्ष एके मट्टू ऐसी किसी कार्रवाई से इंकार कर रहे हैं. इस पुरे प्रकरण से हाकी खिलाड़ियों के अलावा पूर्व खिलाड़ी, हाकी प्रेमी और देशवासी जरुर चिंतित हैं. सरकार और केन्द्रीय खेल मंत्री को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए. लेकिन ये देश का दुर्भाग्य है कि उन्हें  खेल नहीं सिर्फ खेल मैदानों में अतिथि कि कुर्सी चाहिए और जब खेलों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विदेश जाने कि बात हो तो ये आगे होते हैं. यदि कोई खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर हज उपलब्धि हासिल करता है तो ये श्रेय लेने को आगे जरुर आ जाते हैं. बहरहाल चक दे इंडिया का भगवान ही मालिक है.