Thursday, December 31, 2009
नया साल, नए लक्ष्य
वर्ष के अंतिम दशक में कदम रखने के साथ ही इस साल में भारतीय खिलाडियों के सामने कई लक्ष्य हैं। भारतीय क्रिकेट टीम जहाँ विश्व कप जीत एक बार फिर क्रिकेट का सिरमोर बनने की कोशिश करेगी, वहीं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड विश्व कप की सफल मेजबानी कर क्रिकेट खेलने वाले देशों में अपनी अलग पैठ बनने का प्रयास करेगा। उधर कॉमनवेल्थ खेल में जहाँ भारतीय खिलाडियों को पहली बार अपने देश में अपने समर्थकों के बीच अपनी दावेदारी रखने का मौका मिलेगा, वहीं भारत इन खेलों की सफल मेजबानी कर राष्ट्र्कूल देशों में अपना झंडा बुलंद करने की कोशिश करेगा। हालांकि पिछला साल भारतीय खेल और खिलाडियों के लिए मिलाजुला रहा। सचिन ने जहाँ क्रिकेट जीवन के २० साल पुरे किये, वहीँ भारतीय टीम चैंपियंस ट्राफी और ट्वेंटी-२० वर्ल्ड कप में बुरी तरह हारी। भारतीय टीम के लिए खास उपलब्धि यह रही की ७७ साल बाद हम टेस्ट क्रिकेट के पहले पायदान पर पहुंचे। पिछले १४ माह में भारत एक भी टेस्ट नहीं हारा। गौतम गंभीर को आईसीसी ने वर्ष का सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर घोषित किया। हालांकि वर्ष की समाप्ति पर कोटला में भारत-श्रीलंका वनडे मैच रद्द होना काफी शर्मनाक रहा। टेनिस में भारत के सोमदेव ने गौरवपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की तो सानिया मिर्ज़ा ने महेश भूपति के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलियन ओपन का ख़िताब जीता।
Sunday, December 27, 2009
दिल्ली वालों नहीं देख पाओगे विश्व कप मैच

ख़राब विकेट के कारण दिल्ली में भारत और श्रीलंका के बीच खेला गया एक दिवसीय मैच रद्द होना जहाँ दुर्भाग्यपूर्ण है, वहीँ दिल्ली के क्रिकेट प्रेमियों को अगले साल भारत में होने वाले विश्व कप मैच से भी वंचित होना पड़ेगा। आई सी सी की पिच और आउटफिल्ड मोनेटरिंग प्रोसेस के अनुसार यदि कोई इंटरनेशनल आयोजन स्थल को सस्पेंड किया जाता है तो वहां १२ से २४ माह का प्रतिबन्ध लग सकता है। फ़िरोज़शाह कोटला के साथ भी यदि यह नियम लागु होता है तो दिल्लीवासी अगले साल होने वाले विश्व कप मैच से वंचित हो जाएंगे। भारत में पिच के कारण मैच रद्द होने का यह पहला मौका नहीं है। बारह साल पहले इंदौर में भी मैच रद्द हो चुका है। मजेदार बात यह है कि इतनी बड़ी गलती होने के बावजूद कोई भी अधिकारी गलती कि जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं। न बीसीसीआई और न ही डीडीसीऐ। बहरहाल नुकसान दिल्ली क्रिकेट और क्रिकेट प्रेमियों का हुआ है।
Tuesday, December 15, 2009
हम ज्यादा क्रिकेट तो नहीं खेल रहे
लगातार क्रिकेट खेलते खेलते भारतीय क्रिकेटरों का बुरा हाल है। इसका उदाहरण हाल ही में देखने को मिला। पहले युवराज सिंह २०-२० मैच में घायल हो गए और उसके बाद श्रीलंका के खिलाफ पहले वन डे में सहवाग के घुटने में खिचांव आ गया है। इस मैच में युवराज नहीं खेल पाए। ऐसे ही खिलाडी घायल होते रहे तो भारत को कम से कम ११ खिलाड़ी अतिरिक्त रखने होंगे। देश के कई पूर्व क्रिकेटरों का भी मानना है कि क्रिकेट बोर्ड को कम क्रिकेट का आयोजन करना चाहिए ताकि खिलाड़िओं को कुछ आराम भी मिल सके ।
Sunday, December 13, 2009
बर्थ-डे बॉय का कमाल

12.12.2009 : भारतीय क्रिकेट टीम के बल्लेबाज युवराज सिंह के लिए जन्म दिन पर इससे बेहतर गिफ्ट क्या होगा। अपने २८वें जन्म दिन पर उसने न सिर्फ़ वतन को श्रीलंका के खिलाफ रिकॉर्ड जीत दिलाई बल्कि मैच का बेस्ट खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। मैच के एक दिन पहले कप्तान मोहिंदर सिंह धोनी ने कहा था, कल युवी कैसा भी खेले और मैच का रिजल्ट कुछ भी हो वे युवी का बर्थ-डे जोरदार ढंग से करेंगे। अब मैच युवी के घर में हो और वो भी बर्थ-डे पर तो भला युवी कहाँ चुकते। २०-२० में २०० रन के टार्गेट को युवी ने इतना आसन बना दिया कि किसी ने सोचा भी न था। युवी ने मात्र २५ बल पर ६० रन बना कर मेहमान श्रीलंका के खिलाड़ियों को चकित कर दिया। इनमे चौके तो तीन थे, लेकिन पांच छक्के शामिल थे। आख़िर पंजाबी गबरू दा जवाब नही।
Friday, December 11, 2009
एक बार फिर भारत-पाकिस्तान आमने-सामने

भले ही हाकी की दुनिया के दो पुराने शहंशाह भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के देश में खेलने नहीं जा रहे पर खेल प्रेमियों के लिए एक अच्छी ख़बर है। अर्जेंटीना में चल रही चैलेंज हाकी के फाइनल में खेलते देखने का मौका मिलेगा। भले ही दोनों देशों के मध्य आपसी सम्बन्ध मधुर नही हैं लेकिन खेलों के जरिये यदि इन संबंधों में थोड़ी भी दुरी कम होती है तो एक अच्छी बात होगी। हालांकि जब भी दोनों देशों के मध्य किसी भी खेल का मुकाबला होता है तो दोनों देशों के खेल प्रेमियों का तनाव आसमान पर होता है। ये मुकाबला तो और ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि इस मैच के विजेता को अगले साल होने वाली चैंपियंस ट्राफी में खेलने की पात्रता हासिल होगी। बहरहाल रविवार को एक बार फिर जब दोनों देश मैदान में उतरेंगे तो खेल प्रेमियों की हार्ट बीट जरूर बढ़ जाएगी।
एक नया अभियान
लम्बे समय से खेलों पर हिन्दी में ब्लॉग बनाने की सोच रहा था। इच्छा थी कि हिन्दी के पाठकों, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को एक अच्छा मंच देने कि कोशिश करूं। इससे पहले इंग्लिश में कई स्पोर्ट्स ब्लॉग लिखे पर हिन्दी में ब्लॉग न लिखने का मलाल रहा। हिन्दी के पाठकों के लिए नई शुरुआत कर रहा हूं। उम्मीद है कि खेल प्रेमियों कि उमीदों पर खरा उतरने कि कोशिश करूंगा। इस अभियान में अपने उन खेल रिपोर्टरों और खेल फोटोग्राफरों की भी मदद लूंगा, जिनका भारतीय खेल जगत में हमेशा अहम् योगदान रहा है। इस नए अभियान में आपकी शुभकामनाओं की अपेक्षा रखता हूं।
आपका
भूपेंदर सिंह भाटिया
खेल पत्रकार
आपका
भूपेंदर सिंह भाटिया
खेल पत्रकार
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